अजीत जोगी : सियासत का सबसे बुलंद सितारा….अजीत जोगी की जिंदगी से जुड़ी वो बातें, जो साबित करता है ” आप जैसा कोई नहीं”

रायपुर 29 मई 2020। छत्तीसगढ़ की राजनीति की सबसे चर्चित शख्सियत अजीत जोगी अब इस दुनिया में नहीं रहे। 74 साल के अजीत जोगी ने हर वो मुकाम हासिल किया, जो लोगों की ख्वाहिश हुआ करती है। फिर वो कलेक्टरी में कमाल करने की हो या फिर राजनीति में चमत्कार करने की। अजीत जोगी जब तक रहे संघर्ष का पर्याय बने रहे।

छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल करने वाले अजीत जोगी की गिनती कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में होती थी…ये बात दीगर है कि उसी पार्टी में बाद में हाशिये पर वो चले गये तो पार्टी से किनारा कर उन्होंने नयी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी बना लिया। 2019 में पहली बार ये पार्टी चुनाव मैदान में उतरी और प्रदेश में 5 सीट हासिल की। 2019 विधानसभा चुनाव के परिणाम से पहले अजीत जोगी को सत्ता में किंगमेकर माना जा रहा था…लेकिन कांग्रेस की एकतरफा आंधी ने अजीत जोगी को सत्ता में ना तो किंग बनने का मौका दिया और ना ही किंगमेकर।

आइए देखते हैं अजीत जोगी से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी …

अजीत जोगी- पूरा सफर

पूरा नाम – अजीत प्रमोद कुमार जोगी

जन्म- मरवाही के जोगीसार में 29 अप्रैल 1946

पत्नी: रेणु जोगी, पुत्र: अमित जोगी

योग्यता- इंजीनियरिंग के बाद आईएएस अफसर बने

1967 से 1968 तक व्याख्याता के रुप में काम की

भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चुने गए

1974 से 1986 तक मध्यप्रदेश के कई शहरों में कलेक्टर रहे

1981 से 1985 तक इंदौर के कलेक्टर रहे

1986 में कांग्रेस ज्वाइन कर राजनीतिक कैरियर की शुरुआत

1986 में ही कांग्रेस ने राज्यसभा में भेजा गया

1989 में लोकसभा चुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बने

1997 से 1999 तक कांग्रेस संसदीय दल के सदस्य रहे

1997 से 1999 तक कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रहे

1998 में रायगढ़ से 12 वीं लोक सभा के लिए चुने गए

1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री बने

2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे

2004 में महासमुंद से 14 वीं लोकसभा के लिए चुने गए

2008 में मरवाही से विधायक चुने गए

2014 में 133 वोट से लोकसभा चुनाव हार गए

जून 2016  में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की स्थापना की

 

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