संविलियन के बाद पहले वेतन से शिक्षाकर्मी देंगे 2 दिन की सैलरी का मुख्यमंत्री राहत कोष में दान…. जुलाई में होना है 16 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन ….मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर कराया अवगत

रायपुर 10 जून 2020। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन का निर्णय लेकर उन्हें बड़ी सौगात दी है। विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जैसे ही संविलियन की घोषणा की थी वैसे ही शिक्षाकर्मियों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा था , घोषणा पत्र के वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री ने 2 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके 16 हजार शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा विधानसभा पटल पर की है जिसका क्रियान्वयन एक जुलाई को हो जाएगा। इस घोषणा का आलम यह था कि प्रदेश में शिक्षाकर्मियों ने पूरी तरह माहौल को संविलियनमय बना दिया था और बजट में हुई अन्य घोषणाएं इसके सामने काफी छोटी नजर आने लगी थी, बाद में काफी दिनों तक आभार प्रदर्शन का भी दौर चला और शिक्षाकर्मियों ने उन तमाम विधायकों को धन्यवाद अदा किया जिन्होंने संविलियन अधिकार मंच के ज्ञापन पर अपनी मुहर लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिक्षाकर्मियों के संविलियन का निर्णय लेने की अनुशंसा की थी।

प्रदेश के मंत्री और विधायक भी शिक्षाकर्मियों के इस व्यवहार से काफी खुश हुए है , शिक्षाकर्मियों ने अलग-अलग जिले में भी बड़े-बड़े बैनर पोस्टर के जरिए शासन को धन्यवाद दिया था , यही कारण है कि कोरोना के इस वैश्विक महामारी के दौर में भी शिक्षाकर्मियों का संविलियन सेफ माना जा रहा है और इसके पीछे शिक्षाकर्मियों की सुनियोजित रणनीति ही है।

मुख्यमंत्री ने मांगी मदद तो शिक्षाकर्मियों ने आगे बढ़ाया हाथ

अब एक बार फिर शिक्षाकर्मियों ने कोरोना की लड़ाई में शासन का हाथ बंटाने की नियत से संविलियन की पहली सैलरी से 2 दिनों का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है । संविलियन अधिकार मंच के सदस्य इसमें अपनी सहभागिता निभाएंगे और पहली सैलरी से 2 दिन का वेतन स्वेच्छा से शासन को दान करेंगे , इसके लिए उन्होंने अपने आम शिक्षाकर्मी साथियों से बकायदा सहमति भी ली है और उसके बाद मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर उन्हें इससे अवगत कराया है। संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे और सहयोगी योगेश पांडे ने कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव को पत्र सौंपकर इससे अवगत भी करा दिया है साथ ही मुख्यमंत्री को भी पत्र ट्वीट कर दिया है ।

बचे हुए शिक्षाकर्मियों के संविलियन की रखी मांग

प्रदेश में लगभग 100 से 150 शिक्षाकर्मी ऐसे हैं जिसका 1 जुलाई को 2 वर्ष पूर्ण नहीं हो पा रहा है और वह महज कुछ दिन के कारण जुलाई में संविलियन पाने से चूक रहे हैं । संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे ने उनके लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है की ऐसे शिक्षाकर्मी साथियों का भी उनके 2 वर्ष पूर्ण होने की तिथि को ही संविलियन कर शिक्षाकर्मी प्रथा को हमेशा हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाए ।

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