ऑस्ट्रेलिया दौरे से ड्रॉप होने के बाद कुछ ऐसा महसूस कर रहे थे पृथ्वी शॉ, ऐसे की जबर्दस्त वापसी

नई दिल्ली 19 अप्रैल 2021। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद पृथ्वी शॉ ने अपनी तकनीक के बारे में चिंता करना शुरू कर दिया था और उनका कहना है कि अपने खेल में कुछ तकनीकी बदलाव के बाद वह घरेलू क्रिकेट में फॉर्म में वापसी करने में सफल रहे। पिछले साल दिसंबर में 21 साल के इस खिलाड़ी को एडीलेड में शुरुआती टेस्ट में दो विफलताओं के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था। मुंबई के बल्लेबाज ने हालांकि विजय हजारे ट्रॉफी में ऐसा प्रदर्शन किया, जो टूर्नामेंट के इतिहास में किसी अन्य खिलाड़ी ने नहीं किया था, उन्होंने आठ मैचों में 827 रन बना दिए।
उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ महज 17 गेंद में तीन चौके और दो छक्के से 32 रन बनाए। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने शुरुआती मूवमेंट पर काम किया, मैंने इसे और स्थिर बनाया और गेंदबाज के गेंदबाजी करने से पहले ही तैयार रहने पर काम किया।’ उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद मैंने अपने कोच प्रशांत शेट्टी सर के साथ काम किया और प्रवीण आमरे सर के साथ भी, इसके बाद मैं विजय हजारे ट्रॉफी खेला और यह कारगर रहा। मैंने विजय हजारे ट्रॉफी में अपना नैचुरल गेम खेला, लेकिन मैंने कुछ तकनीकी बदलाव भी किए। इसके बाद यह ठीक रहा है।’ शॉ ने कहा, ”मुझे आईपीएल के टी20 फॉर्मैट के लिये काफी ज्यादा अभ्यास का मौका नहीं मिला। लेकिन मैंने रिकी पोंटिंग सर, प्रवीण आमरे सर और प्रशांत शेट्टी सर के साथ काफी अच्छे प्रैक्टिस सेशन किए।’ इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज ने यह भी कहा कि दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच पोंटिंग ने उन्हें मनमुताबिक बल्लेबाजी करने की आजादी दी। उन्होंने कहा, ‘वह (पोंटिंग) कहते हैं, क्रीज पर जाओ और कुछ ज्यादा चीजों के बारे में सोचे बिना खेलो। पहले छह ओवरों में साझेदारियां काफी अहम होती हैं। हम (मैं और शिखर धवन) बल्लेबाजी के लिए उतरने से पहले इन चीजों के बारे में योजना बनाते हैं।
