मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की चोरी करने वाले आरोपी पकड़ाए, 15 मिनट में में देते थे घटना को अंजाम…  7 आरोपी गिरफ्तार….

धमतरी 30 दिसंबर 2020. बीते 20 दिसम्बर को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित विकास मोबाइल दुकान से 136नग मोबाइल और कई इलेक्ट्रॉनिक समानों की चोरी हुई थी, जिसकी कुल कीमत 19,48,000 बताई गई थी. आरोपियों ने पूरी घटना को केवल 15 मिनट में अंजाम दिया था. घटना वाले दिन डॉग स्काड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद भी ली गयी थी. चोरी के दौरान वे दुकान से DVR भी ले कर चले गए थे.  जांच के दौरान जब आसपास लगे सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, जिसमे 9 आरोपी चोरी की वारदात करते हुए दिखाई दे रहे थे. इस दौरान पुलिस को पता चला की वारदात के बाद तीन आरोपी बस में सवार हो कर रायपुर की ओर आये हुए थे.

ये गैंग चोरी किये समान को तुरंत ही अन्य सदस्य के माध्यम से नेपाल के बाजार में खपा देते हैं. छत्तीसगढ़ के बड़े शहर राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर में मोबाइल दुकान में चोरी को अंजाम देने के लिए दुकान टारगेट कर चुके थे. गैंग के सदस्य पूरी तरह से चोरी के लिए प्रशिक्षित है ये कभी साथ मे नही घूमते, अलग अलग ही घूम कर अपने अपने काम को अंजाम देते है और पूरी रेकी के बाद निर्धारित दिन आपस मे मिलते हैं. अचानक परिवार के एक व्यक्ति की मृत्यु के कारण दो सदस्य वापस चले गए थे. उन दो सदस्यों के मोतिहारी बिहार से वापस आते ही ये गैंग पुनः नई घटना को अंजाम देने वाले थे. पूछताछ में पता चला कि विजयनगरम के एक मोबाइल दुकान की रेकी कर दुकान को टारगेट बना चुके थे. बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस गैंग के 9 में से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अलग अलग लॉज में दूर दूर रुकना इनके वारदात का तरीका है. आरोपियों के पास से 89,199 रुपये नगद और 9 मोबाइल सेट पेपर कटर, सब्बल, चादर, जैकेट, बैग, चाबी बरामद हुआ है. घटना के दौरान ये चादर का उपयोग कर शटर के सामने आड़ बनाते है। शटर को थोड़ा काट के ये उसे लिफ्ट करते है. इस कारण इस गैंग को चादर गैंग और शटर कटवा गैंग अरचा गैंग के नाम से जाना जाता है.

आपस में कोड में बात करते है। पुलिस को मास्टर और पेट्रोलिंग वाहन को आते देख चक्का डोलना कहा करते है..खतरे के आभास होने से दोनों हाथ ऊपर कर के इशारा करते थे. काम करने वाले सभी सदस्यों को काम के हिसाब से अलग अलग नाम दिया करते है. सरगना मालिक कहलाता है. शटर तोड़ने वाले लोग पहलवान. अंदर घुसने वाले लोग प्लेयर कहलाते है. गैंग का सरगना जिसे ये लोग मालिक कहते है चोरी की पूरी प्लानिंग और अन्य लोगों के काम का विभाजन करता है. साथ ही वह चोरी के समान को तुरंत ठिकाने लगाने के लिए नेपाल के लोगों से संपर्क करता है. धमतरी पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया जिससे निकट भविष्य में राज्य में होने वाली अन्य बड़ी चोरी की घटना को रोका जा सका. गिरफ्तार आरोपियों में  सरगना गोविंद चौधरी उम्र 41 वर्ष बिहार, दिनेश पासवान, भरत भूषण, योगेंद्र प्रसाद, रामबाबू राय, श्रीराम साह, राजेश्वर दास का नाम शामिल है

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