कांग्रेस विधायक के ठिकानों पर नोटों का जखीरा मिला…..इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छापेमारी में इतना मिला कैश की रविवार के दिन खुलवाना पड़ गया बैंक……दो-दो अकाउंट ओपन कर जमा कराना पड़ा पैसा

सोलपुर 22 फरवरी 2021। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छापेमारी में कांग्रेस विधायक के ठिकानों पर नोटों का जखीरा मिला है। इतने बड़े पैमाने पर कैश मिला कि गिनते-गिनते आईटी अफसरों के हाथ थक गये। नतीजतन नोट गिनने की मशीन मंगायी गयी। करीब दो घंटे तक नोटों की मशीन से गिनती के बाद मालूम चला कि कांग्रेस विधायक के ठिकाने से करीब 8 करोड़ कैश मिले हैं। बैतूल के कांग्रेस विधायक निलय डागा के मध्य प्रदेश और दूसरे राज्यों में स्थित अलग-अलग ठिकानों पर बीते तीन दिनों से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीमें रेड डाले हुई हैं. इस बीच महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित कांग्रेस विधायक के ठिकाने से आयकर विभाग के अफसरों ने 7.5 करोड़ रुपए कैश बरामद किए हैं. निलय डागा और उनके भाइयों के यहां बीते शनिवार रात करीब 1 बजे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीमें पहुंची थीं और तबसे ही छोप की कार्रवाई जारी थी.

सोलापुर ठिकाने से 7.5 करोड़ कैश मिला

रविवार को सोलापुर स्थित कांग्रेस विधायक के ठिकाने से उनका एक कर्मचारी बैग लेकर भागने की कोशिश करते पकड़ा गया. यह बैग नोटों से भरा था. इसके बाद इसी ठिकाने से नोटों से भरे दूसरे भी बैग मिले. विधायक के यहां भारी मात्रा में करेंसी मिलने से आयकर अधिकारियों को नोट काउंटिंग मशीनें लगानी पड़ीं.  7.5 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश सोलापुर ठिकाने से बरामद किए गए. डागा बंधु इस धन का कोई स्रोत आयकर अधिकारियों को नहीं बता सके. इसलिए विभाग ने इसे जब्त कर लिया.

डागा के ठिकानों से 8 करोड़ कैश बरामद

पहले दो दिन में भी बैतूल समेत डागा के दूसरे ठिकानों से 60 लाख रुपए की राशि मिल चुकी थी. सोलापुर वाले पैसे को मिलाकर आयकर द्वारा जब्त राशि 8.10 करोड़ रुपए हो गई. रविवार होने के बावजूद सोलापुर में दो बैंकों की शाखाएं इस पैसे को जमा कराने के लिए विशेष तौर पर खुलवाई गईं. आयकर विभाग की भोपाल विंग ने अब तक जितने भी रेड डाले हैं, इससे पहले किसी में भी एक साथ इतना बड़ा कैश बरामद नहीं हुआ.

हवाला के जरिए पैसे विदेश भेजने के प्रमाण

साल 2019 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अश्विन शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सहयोगियों के यहां पड़ी रेड में करीब 12 करोड़ रुपए कैश की बरामदगी हुई थी. लेकिन यह छापा दिल्ली आयकर विभाग की टीम ने डाला था. आयकर विभाग को यह भी प्रमाण मिले हैं कि निलय डागा की कंपनियों ने हवाला के जरिए विदेशों में पैसा भेजा और मंगाया. इसके साथ ही कई बड़े भुगतान नकद में किए गए.

कोलकाता की 24 कंपनियों से फर्जी लेनदेन

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक बैतूल विधायक निलय डागा और उनके भाई कोलकाता की 24 कंपनियों से फर्जी लेनदेन कर रहे थे. इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स चाेरी बताया गया है. सैकड़ों ऐसे दस्तावेज आयकर टीम को मिले हैं, जिनसे साबित होता है कि डागा बंधुओं ने इन कंपनियों से करीब 100 करोड़ रुपए तक के ट्रांजेक्शन किए. आपको बता दें कि बैतूल से कांग्रेस विधायक निलय डागा का तेल का बड़ा कारोबार है.

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