नियमित व्याख्याता भर्ती : प्रधान पाठकों के प्रमोशन के बाद जारी होगी सूची !…. वरिष्ठता को लेकर प्रधान पाठकों ने न्यायालय में दायर की है याचिका

रायपुर 20 जनवरी 2020। नियमित व्याख्याता के तौर पर जॉइनिंग के सपने देख रहे उम्मीदवारों को एक बार फिर हाई कोर्ट से नाउम्मीदी मिली है। अब उनकी भर्ती प्रक्रिया फिर से लेट होते हुए दिखाई दे रही है । नियमित व्याख्याताओं के पद पर भर्ती के लिए परीक्षा के बाद उनके डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन भी हो चुका है लेकिन जिस प्रकार से उनकी सूची जारी करने में लेटलतीफी हो रही थी उससे पहले ही इस बात का अंदेशा था कि कहीं न कहीं पर कोई न कोई तो अड़चन है ।

अब धीरे-धीरे अड़चनें सामने आ रही हैं , रायगढ़ के प्रधान पाठकों ने लगभग 35 की संख्या में सामने आकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने उनके पक्ष में अंतरिम आदेश दिया है और नियमित भर्ती की सूची जारी करने पर रोक लगा दी है हालांकि बाकी प्रक्रिया की जा सकती है लेकिन वह सब पहले ही पूर्ण हो चुकी है और अब केवल नियुक्ति देना बाकी है ।

दरअसल याचिका दायर करने वाले सभी याचिकाकर्ता 2010 में प्रधान पाठक बन चुके हैं और नियमानुसार इन्हें व्याख्याताओं के पद पर नियुक्ति मिल जानी थी किंतु समय पर इन्हें व्याख्याताओं के पद पर प्रमोशन नहीं मिल सका इधर सरकार ने नई भर्ती शुरू कर दी हालांकि राजपत्र में इस बात का स्पष्ट तौर पर प्रावधान है कि 50% व्याख्याता के पद भर्ती से भरे जाएंगे वहीं 50% पद प्रमोशन से, ऐसे में पहले प्रमोशन के पद भरे जाने थे ताकि जो पहले से सेवा दे रहे हैं वह विभाग में वरिष्ठ रहे लेकिन सरकार ने उन्हें प्रमोशन देने के बजाय पहले नई भर्ती को प्राथमिकता दे दी जिसके विरोध में प्रधान पाठकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी।

अब न्यायालय ने इसे सही माना है और उनके पक्ष में अंतरिम आदेश जारी करते हुए शासन से जवाब मांगा है और अब इस मामले की सुनवाई 4 हफ्ते के बाद ही होगी । कुल मिलाकर एक बार फिर नियमित भर्ती परीक्षा में लेटलतीफी होते हुए दिखाई दे रही है ऐसे भी न्यायालय में नियमित भर्ती परीक्षा से संबंधित कई याचिकाएं लगी हुई है जिन पर समय-समय पर फैसला आना है और जो आने वाले समय में भर्ती की राह में कई बाधाएं खड़ा कर सकती हैं ।

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