10 दिन में 36 लाख लोग करेंगे यात्रा….. RAC भी होगा कन्फर्म….. रेलवे ने किए ये ऐलान… 2600 ट्रेनें चलायी जायेगी

नई दिल्ली 24 मई 2020। देश के भिन्न भिन्न क्षेत्रों में प्रवासी मजदूर घर जाने का इंतजार कर रहे हैं. केंद्र सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ इनकी समस्याओं को ध्यान में रखकर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया था. इन ट्रेनों के माध्यम से लाखों की संख्या में मजदूरों को घर तक भेजा गया परंतु अभी बहुत बड़ी संख्या में मजदूर लॉक डाउन के कारण घर जाने से वंचित रह गए।

अगले 10 दिनों के लिये 26 सौ नई ट्रेन चलेंगी

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि भारतीय रेल और राज्य सरकारों ने मिलकर अगले 10 दिनों के लिए एक शेड्यूल बनाया है और 2600 ट्रेनें चलाई जाएंगी. इसमें 36 लाख यात्री सफर कर पाएंगे. अगर किसी भी स्टेशन से ज्यादा संख्या में प्रवासी अपने घर जाना चाहेंगे तो उनके लिए भी ट्रेन सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी. उन्‍होंने कहा कि  अधिकांश ट्रेनों को उत्‍तर प्रदेश, बिहार, मध्‍य प्रदेश, झारखंड के लिए चलाया गया.

यात्रा से 30 दिन पहले टिकटों की बुकिंग

स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने से पहले अब 30 दिन पहले भी लोग रिजर्वेशन टिकट ले पाएंगे. इससे पहले रेलवे ने यात्रा से 7 दिन पहले टिकट बुकिंग की इजाजत दी थी. रेलवे 1 जून से चलने वाली 200 ट्रेनों के टिकट बुकिंग के लिए धीरे-धीरे सारे टिकट काउंटर खोलने जा रहा है.रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि अब तक 1 हजार से ज्यादा टिकट काउंटर्स खुल चुके हैं. जरूरत के अनुसार आगे भी काउंटर्स खुलते रहेंगे. साथ ही, IRCTC एजेंट, पोस्ट ऑफिस, कॉमन सर्विस सेंटर्स आदि को भी टिकट उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है. पहले सिर्फ IRCTC की वेबसाइट और ऐप से ही टिकट बुकिंग की अनुमति थी.

उन्होंने कहा कि रिजर्वेशन अंगेस्ट कैंसलेशन (RAC) टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है. विनोद कुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि हमने सिर्फ कन्फर्म टिकट पर ही यात्रा की अनुमति दी है. रास्ते में किसी यात्री को चढ़ने की अनुमति नहीं है, इसलिए आरएसी टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है.

अब ये राज्य सरकार पर है कि वो कितनी ट्रेनों की मांग करती है. जैसे ही उनकी मांग आएगी. रेलवे तुरंत ट्रेन चलाएगी. इसके लिए रेलवे पूरी तरह से तैयार है.

इसी प्रेस कांफ्रेंस में गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने बताया कि 27 मार्च को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए अडवाइजरी जारी कर प्रवासी श्रमिकों की सुविधा का ध्यान रखने का आदेश दिया गया. 28 मार्च को राज्य आपदा कोष से पैसे खर्च करने का आदेश दिया गया. फिर 29 मार्च को अडवाइजरी जारी की गई. जो भी श्रमिक अपने गृह राज्य पहुँच रहे हैं, उनका ध्यान रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है.

 

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