3.50 लाख एनपीएस कर्मचारी 13 सितंबर को करेंगे पारिवारिक उपवास…. छत्तीसगढ़ सरकार पुरानी पेंशन की कारवाही शुरू करे

रायपुर 8 सितम्बर 2020। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत व छत्तीसगढ़ के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, प्रदेश सह संयोजक सुधीर प्रधान, वाजीद खान, हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, मनोज सनाढ्य, शैलेन्द्र पारीक ने कहा है राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) के राष्ट्रीय आह्वान पर एन पी एस कर्मचारी 13 सितंबर को एक दिन का पारिवारिक उपवास करेंगे, जिसमे देश भर के 60 लाख सरकारी कर्मचारी व छत्तीसगढ़ से 3.50 लाख कर्मचारी व शिक्षक शामिल होंगे।

देश भर के कर्मचारियों से अपील किया गया है कि ट्वीटर पर #FAST4OPS नाम से चलाये जा रहे मुहिम के समर्थन में दिनांक 13 सितंबर 2020 को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक इस ट्वीटर अभियान का भी हिस्सा बने, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को टैग लाइन लिखकर पुरानी पेंशन बहाली का मांग किया जाएगा, जिसमे समस्त विभाग के कर्मचारी, शिक्षक, लिपिक, स्वास्थ्य कर्मचारी, अधिकारी, रेलवे कर्मी, पुलिस कर्मी, बैंक कर्मी, पैरा मिलिट्री के जवानों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन बहाल कीजिए का संदेश होगा।

छत्तीसगढ़ में 3.50 लाख कर्मचारियो के लिए पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रदेश संयोजक संजय शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के एनपीएस कर्मचारियो को पुरानी पेंशन देने की कार्यवाही सरकार के जनघोषणा पत्र में है, जिसे लागू करने के लिए मुख्यमंत्री जी को शीघ्र पहल करने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी 2004 से एनपीएस में लाया गया है, जिससे 3.50 लाख कर्मचारियों का बुढ़ापे का सहारा छीन गया है, वर्तमान सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपने घोषणा पत्र में शामिल किया है, किन्तु अब समय आ गया कि इस विषय पर कार्यवाही आरम्भ हो, इसके लिए सरकार द्वारा मंत्रिमंडलीय समिति या मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर 6 माह में रिपोर्ट लेते हुए पुरानी पेंशन को फिर लागू किया जावे।

केंद्र सरकार को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए निर्णय लेना है, किन्तु छत्तीसगढ़ के एनपीएस कर्मचारियो को पुनः पुरानी पेंशन छत्तीसगढ़ सरकार लागू कर सकती है, ज्ञात हो पश्चिम बंगाल में अभी भी पुरानी पेंशन लागू है, केंद्र शासित दिल्ली सरकार ने प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है, अतः छत्तीसगढ़ में (भूपेश है, तो भरोसा है) लागू किया जा सकता है।

पुरानी और नई पेंशन स्कीम में अन्तर को NOPRUF ने इस तरह स्पष्ट किया गया है कि –

न्यू पेंशन स्कीम में सेवा निवृति पर कुल जमा राशि से केवल 60% राशि ही मिलती है, शेष राशि बाजार व्यवस्था पर आधारित है। पुरानी पेंशन व्यवस्था का शेयर मार्केट से कोई संबंध नहीं था, इसके अन्तर्गत सेवानिवृत्त कर्मचारी को पेंशन देना सरकार का दायित्व होता था, पुरानी पेंशन में हर छः माह पर डीए जोड़ा जाता था, जबकि न्यू पेंशन स्कीम एक म्‍यूचुअल फंड की तरह है, यह शेयर मार्केट पर आधारित व्यवस्था है।

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