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राज्य में दो दिनों में 129 मौत: रायगढ़ में भूस्खलन होने के कारण 44 ने गवाईं जान…70 से ज्यादा अभी भी लापता…. पीएम और सीएम ने किया वित्तीय सहायता का ऐलान

राज्य में दो दिनों में 129 मौत: रायगढ़ में भूस्खलन होने के कारण 44 ने गवाईं जान…70 से ज्यादा अभी भी लापता…. पीएम और सीएम ने किया वित्तीय सहायता का ऐलान
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By NPG News

नई दिल्ली 23 जुलाई 2021. महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे और नागपुर के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. रायगढ़ जिले में एक गांव के नजदीक भूस्खलन होने के कारण 44 लोगों की जान जा चुकी है. रायगढ़ के तलई गांव में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ का मलबा गिर गया. इसके नीचे 35 घर दब गए. वहीं 70 से ज्यादा लोग लापता हो गए हैं. घटना के बाद महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लिया. कैबिनेट मंत्री बालासाहेब थोरात के मुताबिक शुक्रवार को राज्य में हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल 56 लोगों की मौत हो चुकी है. उनके मुताबिक राज्य में दो दिनों में इन दुर्घटनाओं में कुल 129 मौत हो चुकी है.

वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के रायगढ़ में भूस्खलन के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए मदद राशि का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के रायगढ़ में भूस्खलन के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए पीएमएनआरएफ से प्रत्येक को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश और भूस्खलन से हुआ हादसा बेहद दुखद है. मैंने इस संबंध में सीएम उद्धव ठाकरे और एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान से बात की है. एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं. केंद्र वहां हर संभव मदद कर रहा है.

वहीं महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि रायगढ़ के तलाई गांव में भूस्खलन से कई लोगों की जान चली गई है. कई जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मैंने उन लोगों को निकालने और स्थानांतरित करने का आदेश दिया है जो उन क्षेत्रों में रह रहे हैं जहां भूस्खलन की संभावना है.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि भूस्खलन वाली जगह से अब तक कई शव बरामद किए गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने की आशंका है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम मुंबई से करीब 160 किलोमीटर दूर महाड पहुंच चुकी है और राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गई है. एक अन्य टीम के भी जल्द पहुंचने की संभावना है.

वहीं महाराष्ट्र के महाबलेश्वर और सतारा जिले के नवाजा में पिछले दो दिनों में हुई अत्यधिक भारी बारिश से राज्य के निकटवर्ती तटीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में, खासकर रत्नागिरि और रायगढ़ जिलों में बाढ़ आ गई है. कोंकण क्षेत्र के इन दो जिलों में कई स्थान पानी में डूबे हुए हैं और प्रशासन वहां फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए कदम उठा रहा है.

पुणे में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक के एस होसलिकर ने कहा कि सतारा में लोकप्रिय पर्वतीय क्षेत्र महाबलेश्वर में 22 जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे से 23 जुलाई को देर रात एक बजे तक, करीब 17 घंटों में 483 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है.

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