25 IPS, 65 ACP, 22 इंस्पेक्टर, 800 ASI समेत 10000 जवान होंगे ट्रंप की सुरक्षा में…. 3 घंटे के दौरे पर खर्च होंगे 100 करोड़….एक मिनट में सरकारी खजाने से 55 लाख निकलेगा…जानिये कैसी होगी सुरक्षा…कैसी होगा इंतजाम… पढ़िये

गुजरात 18 फरवरी 2020। डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी से दो दिन के लिए भारत दौरे पर आ रहे हैं। पहले दिन वह गुजरात के अहमदाबाद शहर आएंगे। यहां वह करीब तीन घंटे बिताएंगे और उनके स्वागत के लिए तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। एक अनुमान है कि तीन घंटे के ट्रंप के लिए प्रशासन को 100 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। यानि एक मिनट में करीब 55 लाख रुपये। मोटेरा स्टेडियम से लौटने के लिए एयरपोर्ट तक खासतौर से बनाई जा रही 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क पर ही करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

इसके अलावा अहमदाबाद के डीसीपी विजय पटेल ने बताया है कि सुरक्षा के लिए यहां 10 हजार पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे. सुरक्षा में 25 IPS अधिकारी, 65 एसीपी, 22 पुलिस इंस्पेक्टर और 800 सब-इंस्पेक्टर समेत 10000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले में 70 से अधिक वाहन होंगे। इनमें दर्जन भर से अधिक वाहन अमेरिकी हो सकते हैं। सबसे आगे और अगल-बगल में बाइक सवार कमांडो चलेंगे। अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगे। यह पलक झपकते ही किसी भी खतरे को भांप लेते हैं। आगरा एयरफोर्स स्टेशन से ताजमहल और होटल के आसपास अभेद सुरक्षा घेरा होगा। बिना अनुमति के किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। राष्ट्रपति जिस मार्ग से गुजरेंगे, उस इलाके की सघन जांच की जाएगी। राष्ट्रपति का काफिला निकलने के दौरान रोड के दोनों ओर दस से बीस मीटर की दूरी पर कोई भी वाहन खड़ा नहीं हो सकेगा।

ये भी जान लीजिए कि ट्रंप जिस लिमोजिन कार में बैठते हैं, वैसा सुरक्षित वाहन पृथ्वी पर तो किसी के पास नहीं होगा. इसी काफिले में प्रेसीडेंट की ‘न्यूक्लियर फुटबाल’ भी होती है. ट्रंप जब किसी भी देश में जाते हैं तो वह अपने एयरफोर्स वन 747 बोइंग विमान से जाते हैं. उनके खास विमान को एस्कोर्ट करते हुए कम से कम दो विमान भी होते हैं. इसके अलावा कुछ और विमान भी साथ आते हैं. दुनियाभर में वह इसी तरह जाते हैं.

जब किसी भी देश में ट्रंप का काफिला चलता है तो स्थानीय सुरक्षाकर्मियों के अलावा उनके अपने लोग होते हैं. जो सैकड़ों की संख्या में होते हैं. अंदरूनी सुरक्षा घेरा पूरी तरह अमेरिकी प्रेसीडेंट की सुरक्षा टीम संभालती है तो बाहरी घेरे की सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय पुलिस और सुरक्षाकर्मियों का होता है.अपने विशेष सुरक्षा इंतजामों और खास लिमोजिन ‘द बीस्ट’ के साथ जाते हैं.

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