fbpx

‘राजनीति’ की भाषा में सरकार को आज चुनौती देंगे शिक्षाकर्मी …..संकल्प सभा में पास होगा प्रस्ताव, संविलियन हर कीमत पर !.

रायपुर 26 मई 2018 । शिक्षाकर्मियों का आज प्रदर्शन वाकई में काफी बहुत महत्वपूर्ण है। महत्वपूर्ण सिर्फ इसलिए नहीं, कि शिक्षाकर्मी संविलियन की मांगों पर लामबंद हुए हैं….महत्वपूर्ण इसलिए भी नहीं क्योंकि ये पूरा प्रदर्शन सभी 90 विधानसभा में हो रहा है…बल्कि महत्वपूर्ण इसलिए क्योंकि भाजपा सरकार को पहली बार शिक्षाकर्मी उन्ही की राजनीति की भाषा में जवाब दे रही है। चुनाव के पहले शिक्षाकर्मियों का ये अंदाज जितना चौकाने वाला है, राज्य सरकार के लिए उतना ही हैरान और परेशान करने वाला ।

हां ये बात जरूर अलग है कि आज के कार्यक्रम में शिक्षाकर्मी मोर्चा ने राजनीतिक दलों के नेताओं से मंच शेयर करने से इनकार किया है, बाबजूद विपक्षी पार्टियां इस पर मुद्दा बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती।

शिक्षाकर्मियों के इस पूरे कार्यक्रम पर कई  नजर टिकी है। लगातार इनपुट लिये जा रहे हैं कि वाकई में संकल्प सभा में शिक्षाकर्मी संकल्प क्या लेंगे और उससे सरकार की सेहत पर कितना फर्क पड़ेगा।

जाहिर है सरकार हल की दिशा में बढ़ तो रही है, लेकिन कुछ नीतिगत मुद्दों पर फिलहाल वो जोखिम लेना नहीं चाहती। वित्तीय संकट को सुलझाने के साथ-साथ कोशिश ये भी है कि ज्यादा से ज्यादा शिक्षाकर्मियों की नाराजगी को दूर कर लिया जाये।

इधर कल पूरे प्रदेश के सभी 90 विधानसभा में संविलियन सभा का आयोजन हो रहा है। कार्यक्रम का सीधा रूप यही है कि सरकार को चेतावनी… कि अगर संविलियन नहीं तो वोट भी नहीं। कल संविलियन को हर कीमत पर पाने के संकल्प लिया जायेगा और फिर चाहे भाजपा के खिलाफ क्यों ना जाना पड़ जाये।

कार्यक्रम के विषय में बताते हुए शिक्षाकर्मी मोर्चा के संचालक संजय शर्मा ने कहा कि – प्रदेश के शिक्षाकर्मी आंदोलन खत्म होने के बाद से कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं लेकिन लगभग 6 माह गुजरने के बावजूद कमेटी कभी भी शिक्षाकर्मियों की मांग को लेकर संजीदा नजर नहीं आ रही, जिससे शिक्षाकर्मियों में गहरी नाराजगी है और सरकार के समक्ष हमने अपनी आवाज अलग-अलग अभियान के जरिए बुलंद की है और इसी तारतम्य में मोर्चा द्वारा संविलियन संकल्प सभा का आयोजन किया गया है जिसमें प्रदेश के 90 विधानसभा में शिक्षाकर्मी जुटेंगे और संविलियन के अपनी मांगों को लेकर उसे किसी भी कीमत पर पूरा करने के लिए कृतसंकल्पित होंगे । सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द शिक्षाकर्मियों के हित में फैसला ले और वर्ग 3 की वेतन विसंगति को दूर करते हुए 7वां वेतनमान और क्रमोन्नति प्रदान करते हुए प्रदेश के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों का मूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाए।

प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक दुबे ने कहा है कि – मध्य प्रदेश में जहां शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा हो चुकी है और स्वयं स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने शिक्षाकर्मियों के बीच पहुंचकर इस बात की घोषणा की है की 4 जून तक किसी भी हाल में शिक्षाकर्मियों का संविलियन का आदेश जारी हो जाएगा वही हमारे यहां अभी तक कमेटी अपना प्रतिवेदन भी सरकार को नहीं सौंप सकी है जबकि 3 माह के लिए बनाई गई कमेटी को साढ़े 5 माह से अधिक का समय गुजर चुका है इसलिए कल प्रदेश भर के 90 विधानसभा में शिक्षाकर्मी फिर एकजुट होंगे और संविलियन के अपने मार्ग को प्रशस्त करने के लिए रणनीति बनाने के साथ-साथ इस बात का संकल्प लेंगे कि किसी भी कीमत पर प्रदेश के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी संविलियन की अपनी मांग को सरकार से पूरा कराएंगे चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी बड़ा फैसला क्यों न लेना पड़े ।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

error: Content is protected By NPG.NEWS!!