भोपाल आकर पुरानी यादों में खोए सलमान खान, कहा- ‘जो कुछ हूं यहीं की तालीम का असर’

भोपाल 4 फरवरी 2020 बचपन की यादें हर किसी को रोमांचित कर देती है, फिर वह कोई आम व्यक्ति हो या फिल्म स्टार. दिग्गज एक्टर सलमान खान भी भोपाल आकर मध्यप्रदेश से जुड़े अपनी यादों में खोए बिना नहीं रह सके. बचपन में उन्हें इस राज्य ने क्या दिया, इसे वे आज भी नहीं भूले हैं.

राजधानी के मिंटो हॉल में IIFA अवार्ड की तारीख के ऐलान के लिए आयोजित समारोह में सलमान खान की मध्यप्रदेश से जुड़ी यादें को ताजा हो गईं. इंदौर में जन्मे सलमान ने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा, “यहां आकर मुझे लगता है कि मैं अपने घर के मैदान में बैठा हूं. बचपन में पिता के साथ जीप में बैठकर मुंबई से इंदौर आता था और कुछ माह यहां रहने के बाद वापस लौट जाता था. हमारी पैतृक संपत्ति इंदौर में है.”

सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मैं और दूसरे भाई कंसीव तो मुंबई में हुए मगर डिलेवरी इंदौर में हुई. इससे पिताजी को भी पत्नी से तीन-चार माह दूर रहने का मौका मिल जाया करता था. वहीं जब हम बड़े हुए तो इंदौर आते थे, पलासिया और बरतरी के खेत में रहना पसंद करते थे. सर्दी और गर्मी की छुट्टियां इंदौर में ही कटती थीं.”

राज्य से अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए सलमान खान ने कहा कि वे लगभग 39 साल पहले भोपाल आए थे और यहां के खंडेरा क्षेत्र में दो माह रहे थे. उन्होंने कहा, “खंडेरा की फैमिली बड़ी थी, उसमें से कई लोग अब नहीं है, ईश्वर से उनके लिए कामना और जो है वे स्वस्थ्य रहें.”

सलमान खान ने मुख्यमंत्री कमल नाथ को अपना यंगर ब्रदर बताकर कहा, “इन्हें ओल्डर ब्रदर (बड़ा भाई) तो नहीं कह सकते, इन्हें यंगर ब्रदर (छोटा भाई) ही कहना पड़ेगा. इस यंग स्टेट के लिए इनसे बड़ा यूथ CM (मुख्यमंत्री) कोई नहीं है.”

उन्होंने उम्मीद जताई कि, इस IIFA अवार्ड के आयोजन के बाद से यहां फिल्मों की शूटिंग भी शुरू हो जाएगी, सरकार छूट भी देगी. उन्होंने कहा, “हमारा तो मध्यप्रदेश से खास लगाव है क्योंकि पढ़ाई-खिलाई भी यहीं हुई है. बचपन यहीं गुजरा है, जो भी सीखा है यहीं से सीखा है. पर्दे पर सलमान खान को जितना भी देख रहे हो, मैं जो भी हूं, अच्छा ही हूं, बुरा तो नहीं कह सकता, यहीं की तालीम की वजह से हूं जो कुछ हूं.”

परिवार में काम करने वाले तेसू की चप्पल खोने और उसे ढूंढने के किस्से को भी सलमान खान ने सुनाया. उन्होंने कहा, “खेत में एक दिन तेसू की चप्पल खो गई. अरबाज और वह दोनों वहां खेल रहे थे, जब तेसू की चप्पल नहीं मिली तो दोनों ने मिलकर गेहूं के ढेर को एक स्थान से दूसरे और फिर वहां से दूसरे स्थान पर रखा. तेसू की एक चप्पल तो मिल गई, मगर दूसरी नहीं मिली. अब तक तेसू की दूसरी चप्पल ना मिलना राज है, उसे अब भी खोज रहे हैं.”

इस मौके पर कमल नाथ ने सलमान खान को उनकी बचपन की तस्वीरों का कोलाज भेंट किया. इसमें सलमान खान की कई तस्वीरें हैं. इस मौके पर जैकलिन फर्नाडिस भी मौजूद रहीं.

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