नौकरीपेशा लोगों को तगड़ा झटका : EPFO ने घटाई ब्याज दर, 2017-18 में मिलेगा 8.55 फीसदी ब्याज

EPFO के इस फैसले से 5 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों पर असर होगा

 नई दिल्ली 22 फरवरी 2018: देश के करीब 5 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को ईपीएफओ ने बड़ा झटका दिया है। ईपीएफओ (EPFO) ने साल 2017-18 के लिए पीएफ पर ब्याज दर 8.65 फीसदी से घटाकर 8.55 फीसदी कर दी है। मतलब आपको 0.10 फीसदी कम ब्याज दर मिलेगी। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने इस फैसले का एलान किया। उन्होंने कहा वो इसकी जानकारी वित्त मंत्रालय को देंगे। अब वित्त मंत्रालय इस प्रस्ताव को देखेगा। उसकी मंजूरी के बाद ही सब्सक्राइबर के अकाउंट में ये ब्याज दर क्रेडिट की जाएगी। गंगवार ने कहा कि ईपीएफओ ने इस साल ईटीएफ की बिक्री की है। उनके मुताबिक EPFO ने 3700 करोड़ के ईटीएफ बेचे। इसमें 1,011 करोड़ रुपए का मुनाफा था।

586 करोड़ का अधिशेष बचेगा
श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के ट्रस्टियों की आज हुई बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुये भविष्य के बारे में मूल्यांकन करना मुश्किल है। हमने पिछले साल 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जिसके बाद 695 करोड़ रुपए का अधिशेष बचा है। इस साल हमने 2017-18 के लिये 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की सिफारिश की है इससे 586 करोड़ रुपए का अधिशेष बचेगा।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दर साधारण भविष्य निधि (जीपीएफ) और लोक भविष्य निधि अंशधारकों को दी जाने वाली 7.6 प्रतिशत की दर से अधिक है। EPFO ने इस बैठक में एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज 0.65 फीसदी से घटाकर 0.5 फीसदी किया। इसके अलावा अब 20 के बदले 10 कर्मचारी वाली कंपनी भी ईपीएफओ स्कीम का फायदा उठा सकेंगे

2 साल में 0.25 फीसदी घट गई दर
इससे पिछले वित्त वर्ष 2015-16 में EPFO ने 8.8% की दर से ब्याज दिया था। मतलब 2017-18 में 2015-16 के मुकाबले 0.25 फीसदी कम ब्याज दर मिलेगी। ईपीएफओ बोर्ड के प्रमुख श्रम मंत्री होते है। इसमें ट्रेड यूनियन, राज्य और केंद्र सरकार के सदस्य होते हैं।

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