…जब DFO को मिला साईं बाबा का चमत्कारी पत्र !…. DFO कार्यालय ने सभी अफसरों को जारी कर दिया पत्र- साईंबाबा का यह संदेश फॉरवर्ड करने से मिलता है प्रमोशन…. फिर पढ़िये क्या हुआ

दतिया 29 अगस्त 2019। DFO के एक पत्र ने पूरे सूबे को हलचल मचा दी है। डीएफओ प्रियांशी राठौर का ये पत्र कथित रूप से साईं बाबा का का चमत्कारी पत्र कहा जा रहा है। डीएफओ ने सभी एसडीओ और रेंजर्स को एक पत्र जारी किया था. ये पत्र ही प्रशासनिक हल्कों में चर्चा और चटखारों का विषय बन गया। दरअसल, इस पत्र में अंधविश्वास से भरा संदेश लिखा हुआ था। बकायदा डीएफओ ने उसपर भी हस्ताक्षर भी कर दिये थे।

22 अगस्त को डीएफओ के ऑफिस में बंद लिफाफे में एक पत्र आया. इस पत्र में लिखा था कि “ये SMS सबको जरूर भेजना…. एक औरत ने बहुत बीमारी की हालत में सपना देखा कि साईंबाबा उसे पानी पिला रहे हैं. सुबह जब वह औरत जागी तब वह ठीक हो चुकी थी और उसके पास एक टुकड़ा पड़ा था, जिसपर लिखा था…. Sai baba is the living God in the world.. उसने लोगों को बताया.. एक ऑफिसर ने ये SMS लोगों को भेजा तो उसे प्रमोशन मिल गया. एक आदमी ने डिलीट कर दिया तो उसने अपना सब कुछ 13 दिनों में खो दिया… ये SMS आप 13 लोगों को भेज कर देखें.”

यह कागज डीएफओ प्रियांशी राठौर तक पहुंचा और उन्होंने बिना देखे ही इस पर रिसीविंग हस्ताक्षर  भी कर दिया. इसके बाद ऑफिस के क्लर्क बालकृष्ण पांडे ने भी इस पत्र पर बिना देखे ही वनमंडलाधिकारी की सील लगाकर इसे सभी एसडीओ, रेंजरों और अन्य संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को जारी कर दिया.

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जब यह पत्र विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा तो वे अचंभे में पड़ गए. यह बात डीएफओ प्रियांशी राठौर तक पहुंची. डीएफओ को गफलत का अहसास हुआ और उन्होंने 27 अगस्त को एक और पत्र जारी कर पहले भेजे हुए पत्र को निरस्त मानने के निर्देश दिए.डीएफओ प्रियांशी राठौर ने कहा, ‘कार्यालय में आने वाले हर पत्र पर हमें रिसीविंग देनी होती है. इसी क्रम में इस कागज पर भी हस्ताक्षर हो गया. हालांकि, हस्ताक्षर के बाद मैंने लिपिक पांडे से इसे अलग करने के लिए बोल दिया था, लेकिन पांडे ने इसे जारी कर दिया.’

इधर इस पूरे प्रकरण ने जब तूल पकड़ा तो पूरी गलती क्लर्क के सर पर मढ़ दिया गया। क्लर्क की गलती पत्र जारी करने में मानते हुए हुए उसे शो कॉज नोटिस जारी किया गया है।

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