क्या भारत 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन पाएगा?

नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2018। क्या 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर यानी 332 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच पाएगी? भारत की इकॉनमी अभी 2.6 ट्रिलियन डॉलर (173 लाख करोड़ रुपये) की है। पिछले हफ्ते देश के आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने वर्ल्ड बैंक को बताया कि 2025 तक भारत की इकॉनमी का साइज दोगुना हो जाएगा। क्या ऐसा हो पाएगा? आंकड़ों की नजर से अगर देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार देखें तो ऐसा बिल्कुल संभव है। भारत की अर्थव्यवस्था 2007 से 2014 के बीच 1 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2 ट्रिलियन डॉलर हो गई थी। जीडीपी की रफ्तार अगर आने वाले सालों में भी जारी रही तो भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी जल्द बन जाएगा। अभी अर्थव्यवस्था के साइज के मामले में भारत से आगे अमेरिका और चीन ही हैं। 2016-17 में भारत की इकॉनमी में 337 बिलियन डॉलर्स बढ़े।

अगर अगले सात साल भारत इसी तेजी से बढ़ेगा तो भी आराम से 2025 तक अपना लक्ष्य हासिल कर लेगा। फ्रांस और जर्मनी की आर्थिक रफ्तार को जोड़ भी दें तो भी भारत से कम है। भारत की इकॉनमी 2016-17 में जितनी बढ़ी है वह विश्व के 158 देशों की कुल जीडीपी से ज्यादा है, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलयेशिया जैसे देश शामिल हैं।

अर्थव्यवस्था के आकार के मामले में भारत अभी तीसरे पायदान पर है। 19.1 ट्रिलियन डॉलर के साथ अमेरिका सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। दूसरे पायदान पर चीन है जिसकी अर्थव्यवस्था 12 ट्रिलियन डॉलर की है। भारत की अर्थव्यवस्था 2.6 ट्रिलियन डॉलर है और यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगर 2016 और 2017 के बीच किसी देश की अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा बढ़ी है तो वह चीन है। इस दौरान चीन की अर्थव्यवस्था मं 793 बिलियन डॉलर जुड़े। बात अगर अमेरिका की करें तो इस दौरान उसकी अर्थव्यवस्था में 766 बिलियन डॉलर जुड़े। इस दौरान भारत की अर्थव्यवस्था में 337 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई।