इस कलेक्टर ने प्राइवेट स्कूल छोड़ बेटी को भेजा आंगनवाड़ी, पेश की मिसाल

तमिलनाडू 12 जनवरी 2019. लोगों में सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी के प्रति बढ़ती हीन सोच को तोड़ने के लिए एक महिला आईएएस अफसर ने कमाल का काम किया. तमिलनाडू तिरुनेलवेली की जिला कलेक्टर ने अनी बेटी को प्राइवेट स्कूल को छोड़ आंगनवाड़ी केंद्र में भेजने का फैसला लिया और मिसाल पेश की. अब उनकी बेटी प्राइवेट स्कूल में नहीं बल्कि आंगनवाड़ी में पढ़ेगी. 2009 बैच की आईएएस ऑफिसर शिल्पा प्रभाकर सतीष जिले की पहली महिला कलेक्टर हैं.

सुनने में भले ही शॉकिंग लगे। लेकिन उन्होंने ऐसा करके दूसरे पैरेंट्स के लिए एक मिसाल कायम की है. ताकि वह भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्र भेजें. बेटी को आंगनवाड़ी भेजने की प्रेरणा को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सरकार ही आंगनवाड़ी को प्रमोट करती है और आंगनवाड़ी विकास केंद्र होते हैं जो बच्चे के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं. वो चाहती हैं कि बेटी समाज के हर वर्ग को समझे और जल्द तमिल भाषा सीखे.

उन्होंने कहा कि हमारे आंगनवाड़ी में सभी तरह की सुविधाएं हैं। एक आंगनवाड़ी केंद्र मेरे घर के बिल्कुल पास है। मेरी बेटी वहां खेलती है और उन लोगों से मिलती है। जिले में हजार आंगनवाड़ी हैं और सबमें अच्छे शिक्षक हैं।

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